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qateel shifai ghazals क़तील शिफ़ाई की ग़ज़लें

क़तील शिफ़ाई की ग़ज़लें शाम के साँवले चेहरे को निखारा जाये क्यों न सागर से कोई चाँद उभारा जाये रास आया नहीं तस्कीं* का साहिल कोई फिर मुझे प्यास के दरिया में उतारा जाये मेहरबाँ तेरी नज़र, तेरी अदायें क़ातिल तुझको किस नाम से ऐ दोस्त पुकारा जाये मुझको डर है तेरे वादे पे भरोसा… Read More »