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कुमार विश्वास कविता एक पगली लड़की के बिन

अमावस की काली रातों में – एक पगली लड़की के बिन   मावस की काली रातों में दिल का दरवाजा खुलता है, जब दर्द की काली रातों में गम आंसू के संग घुलता है, जब पिछवाड़े के कमरे में हम निपट अकेले होते हैं, जब घड़ियाँ टिक-टिक चलती हैं,सब सोते हैं, हम रोते हैं, जब… Read More »