Category Archives: Hindi Poems

नीड़ का निर्माण – Need Ka Nirmaan Hindi Poem Harivansh Rai Bachchan

नीड़ का निर्माण -हरिवंश राय बच्चन नीड़ का निर्माण फिर-फिर नेह का आह्वान फिर-फिर वह उठी आँधी कि नभ में छा गया सहसा अँधेरा धूलि धूसर बादलों ने भूमि को इस भाँति घेरा रात-सा दिन हो गया, फिर रात आ‌ई और काली लग रहा था अब न होगा इस निशा का फिर सवेरा रात के… Read More »

कोशिश करने वालों की कभी हार नही होती – Koshish Karne Walo Ki Kabhi Haar Nahi Hoti

कोशिश करने वालों की कभी हार नही होती -sohan lal Dwivedi लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती नन्ही चींटीं जब दाना लेकर चढ़ती है… चढ़ती दीवारों पर सौ बार फ़िसलती है… मन का विश्वास रगों में साहस भरता है… चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना, ना अखरता है… मेहनत… Read More »

भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा (कविता)

भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा (कविता) भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा अभी तक डूबकर सुनते थे सब किस्सा मुहब्बत का मैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगामा कभी कोई जो खुलकर हंस लिया दो पल तो हंगामा कोई… Read More »

कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है (कविता) – कुमार विशवास

कोई दीवाना कहता है (कविता) कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है ! मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !! मैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझसे दूर कैसी है ! ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !! मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है… Read More »

झांसी की रानी | Jhansi Ki Rani Poem | Subhadra Kumari Chauhan

झांसी की रानी -सुभद्रा कुमारी चौहान सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में भी आई फिर से नयी जवानी थी, गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी, दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी। चमक उठी सन् सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थी, बुंदेले हरबोलों के मुँह… Read More »