Category Archives: Hindi Poems

आओ फिर से दिया जलाएँ | aao phir se diya jalaye – Atal Bihari Vajpaee Poems

aao phir se diya jalaye – atal Bihari Vajpayee Poem aao phir se diya jalaye bharee dupaharee mein andhiyaara sooraj parachhai se haara antaratam ka neh nichoden- bujhee huee baatee sulagaen. aao phir se diya jalaen ham padaav ko samajhe manzil lakshy hua aankhon se ojhal vatarmaan ke mohajaal mein- aane vaala kal na bhulaen.… Read More »

ये सोच कर मौन बस बढ़ता चला जाता हूँ – Ye Soch Kar Maun Poem Hindi

हर सुबह एक अलग नये सपने सजाता हूँ शाम तलक उन्हें मैं खुद ही भूल जाता हूँ ख्वाहिशें हज़ार ले कर रोज़ कमाने जाता हूँ बेच के ईमान खाली जेबें नही भर पाता हूँ है मेरा भी कोई अपना ये सब को बताता हूँ पर हूँ सच में अकेला ये सबसे छुपाता हूँ मिलेगा मौका… Read More »

चेतक की वीरता Chetak Ki Veerta – Chetak Poem

चेतक की वीरता -श्यामनारायण पाण्डेय रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था राणाप्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था जो तनिक हवा से बाग हिली लेकर सवार उड़ जाता था राणा की पुतली फिरी नहीं तब तक चेतक मुड़ जाता था गिरता न कभी चेतक तन पर राणाप्रताप का… Read More »

बहुत कठिन है डगर पनघट की Bahut Kathin Hai Dagar Panghat Ki Hindi Poetry

  बहुत कठिन है डगर पनघट की -अमीर ख़ुसरो बहुत कठिन है डगर पनघट की। कैसे मैं भर लाऊँ मधवा से मटकी मेरे अच्छे निज़ाम पिया। कैसे मैं भर लाऊँ मधवा से मटकी ज़रा बोलो निज़ाम पिया। पनिया भरन को मैं जो गई थी। दौड़ झपट मोरी मटकी पटकी। बहुत कठिन है डगर पनघट की।… Read More »

हम कौन थे क्या हो गये – hum kaun the kya ho gaye hindi poem

आर्य -मैथिलीशरण गुप्त हम कौन थे, क्या हो गये हैं, और क्या होंगे अभी आओ विचारें आज मिल कर, यह समस्याएं सभी भू लोक का गौरव, प्रकृति का पुण्य लीला स्थल कहां फैला मनोहर गिरि हिमालय, और गंगाजल कहां संपूर्ण देशों से अधिक, किस देश का उत्कर्ष है उसका कि जो ऋषि भूमि है, वह… Read More »