Hindi Poems

देवदास मत होना खुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना – कुमार विश्वास

देवदास मत होना – कुमार विश्वास

इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना

देवदास मत होना – कुमार विश्वास

खुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना
इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना

देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना
ये सारे खेल हैं, इनमें उदास मत होना

जो भी तुम चाहो, फ़क़त चाहने से मिल जाए
ख़ास तो होना, पर इतने भी ख़ास मत होना

किसी से मिल के नमक आदतों में घुल जाए
वस्ल को दौड़ती दरिया की प्यास मत होना

मेरा वजूद फिर एक बार बिखर जाएगा
ज़रा सुकून से हूँ, आस-पास मत होना

 

special read – jiski dhun par duniya naache

     तुम्हारी छत पे निगरानी बहुत है  कुमार विश्वास

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